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"विकास" के लिए 27 खबरें मिलीं
झारखंड: सत्ता का विमर्श 'आदिवासीवाद' के इर्द-गिर्द क्यों?
झारखंड: 'आदिवासी-गैर-आदिवासी' विमर्श ने अनुसूचित जाति समुदाय को अन्यायी बाहरी तत्वों (दिक्कू) के साथ एक ही श्रेणी में रख दिया …
झारखंड: अनुसूचित जाति का "डिजिटल विभाजन" और 'डिजिटल बहिष्कार'
झारखंड के दलित समुदाय आज भी इस "अदृश्य दीवार" के पीछे सीमित हैं, जहाँ तकनीकी प्रगति की पहुँच बाधित है। …
झारखंड: अनुसूचित जाति SC वित्त एवं विकास निगम की निष्क्रियता
झारखंड में अनुसूचित जाति (SC) वित्त एवं विकास निगम की निष्क्रियता केवल एक विभाग की विफलता नहीं है, राज्य के …
झारखंड एससी आयोग: दलित समुदाय के प्रति संवैधानिक उदासीनता
झारखंड एससी आयोग: यह संस्थागत रिक्तता हाशिए पर खड़े समाज के 'न्याय के अधिकार' का गला घोंटने जैसा है। रक्षक …
झारखंड: दावोस -वैश्विक विजन और धरातलीय द्वंद्
झारखंड: दावोस -वैश्विक विजन और धरातलीय द्वंद् यह आलेख झारखंड के एक ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाता है जहाँ 'वैश्विक …
झारखंड के दलित समुदाय का आर्थिक बहिष्कार
" झारखंड राज्य की 12.1% आबादी वाला दलित समाज संसाधनों से विस्थापित होकर 'आर्थिक बहिष्कार झेल रहा है। यह मात्र …
झारखंड: भर्ती परीक्षाओं का संकट और SC समाज
झारखंड में SC समाज का 7.63% प्रतिनिधित्व अंतर केवल सांख्यिकीय चूक नहीं, संस्थागत छल है। बिना राजनीतिक इच्छाशक्ति और पारदर्शी …
झारखंड दलित नेतृत्व: 'पद' मिला, पर 'शक्ति' और 'सम्मान' नहीं
झारखंड दलित नेतृत्व:12.8% आबादी वाले इस समुदाय के लिए, संविधान द्वारा प्रदत्त 'आरक्षण' के बावजूद, व्यवस्था ने उन्हें उनके 'अधिकारों' …
SC सशक्तिकरण: यूनियन गठन वर्तमान-भविष्य, याचक से साझेदार
झारखंड की औद्योगिक भूमि पर अनुसूचित जाति (SC) समाज के श्रमिकों का पसीना राज्य की नींव में है। "यूनियन गठन …
झारखंड SC समाज: सत्ता की धुरी या उपेक्षित 'वोट बैंक'?
झारखंड के SC समाज का युवा आज उस मुकाम पर है जहाँ उसे तय करना है कि वह सत्ता की …
झारखंड का SC समाज: मौन तपस्या से मुख्यधारा की मुखरता तक
विमर्श की पृष्ठभूमि : यह एक पुकार है - उस न्याय के लिए जो लंबित है, उस सम्मान के लिए …
झारखंड: SC समाज की राजनीतिक उपेक्षा के दोराहे पर 'स्व-पहचान' का संकट
झारखंड: "जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी" केवल एक नारा नहीं,बल्कि झारखंड के SC समाज के लिए अपना राजनीतिक …
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